बिहार मैं बहार कब आएगी
आज मैं यह सोच रहा था की बिहार मैं कब बहार आएगी , कब वो दिन आएगा जब लोग नोकरी और रोजगार के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहेगा। कब वो समय आएगा की जब पूरे परिवार एक साथ गुजार बसर कर सकेंगे। कब वो समय आएगा जब लोगो को अपने बीमारियों के लिए प्राईवेट अस्पताल मैं अपने आप को लुटवाना न पड़ेगा। उन्हें वो इलाज सरकारी अस्पतालों मैं मिल सकेगी। जहां सरकारी दफ्तर मैं घुस ले के काम करवाना बंद हो जाएगी। सरकारी स्कूल में सही शिक्षा दी जाएगी.....और भी बहुत सी सवाल है जो मेरा मन पूछता हैं। इसमें कोई शक नहीं की बिहार के मजदूर बहुत मेहनती होते हैं पर उन्हें वो मेहनत अगर उसके शहर मैं ही करने को मिल जाए तो कितना अच्छा होगा। मेरे खयाल से बिहार के विद्यार्थी का कोई तुलना नहीं हो सकता। पर स्कूल मैं कम शिक्षक का होना , क्लास की कमी होना और गलत एडमिनिस्ट्रेशन के कारण केवल अच्छे विद्यार्थी ही सफल हो पाते हैं। आप को सोशल मीडिया पर बहुत से बिहार के शिक्षक मिल जाएंगे जिन्हें इंग्लिश के जनवरी फरवरी भी लिखना नहीं आता या सही से पढ़ना उन्हें कैसे नोकरी मिलती है यह तो सरकार ही जाने। पर मैं ये कहूंगा की जहां का शिक्षा व्यवस्था ठीक नही होगा वहां का कुछ भी ठीक नहीं हो सकता हैं। शायद यही कारण हैं की सब से जायदा भ्रष्ट राज्य के लिस्ट मैं बिहार दूसरे नंबर पर आता हैं। रोड,नाला, नल जल,अस्पताल,स्कूल और न जाने कहां कहां मैं भ्रष्टाचार होता हैं। बिहार मैं कदम रखते ही लोग भूल जाते है की थूकना कहां है और मूतना कहां हैं। लेकिन वही लोग बिहार के बाहर सही से रहते हैं इस मैं आप शिक्षा की कमी कहेंगे की और कुछ यह आप अपने मन मैं सोच सकते हैं। बिहार जहां सैकड़ो पूल का निर्माण होता है और कुछ ही दिनों मैं टूट जाता हैं। ये किसकी लापरवाही कहेंगे आप सरकार की , मजदूर की, देकेदार की , इंजीनियर की या जनता की.... शायद जनता की क्यों की उन्हें पूल टूट जाने के बाद उस रास्ते से कैसे जाया जाय वो पता हैं। यह होता आया है कोन सा नया बात हैं कह के भूल जाना। इस मैं भी कोई दो राय नहीं की बिहार मैं आज से दस साल पहले वाला हालात नहीं है खास कर सड़क और बिजली की बात की जाए तो वह काफी अच्छी है पहले की तुलना मैं। परंतु भ्रष्टाचार नहीं खत्म हुआ हैं। बिहार के अलावा भतवर्ष से भ्रष्टाचार की मुक्ति के बाद ही यह देश सही से चल सकेगा। जब तक नेता बिकेंगे, वोट बिकेंगे तब तक भगवान ही मालिक है।
मेरे प्यारे बिहारियों जात पात, दारू, पैसे पर वोट देना बंद करो । अगर अपने राज्यों मैं रह कर ही जीवन बसर करना चाहते हो तो। नही तो भटकते रहो।
आवाज उठाओ।
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