मानसिकता

मानसिकता क्या होती हैं.....? यह एक आप की लंबी समय से चली आ रही सोच हैं जो की मानसिकता मैं बदल जाती हैं। कुछ इस तरह के मानसिक सोच से मैं आजकल सोशल मीडिया पर मिल रहा हुं । मानसिक सोच अच्छा और बुरा दोनो हो सकते है। कुछ लोग अपने आप को जहां एक ही जगह पर जकड़ कर बैठ गए है जैसे मैं ये कहूं की अगर किसी ने कोई भी अच्छा या बुरा काम किया हो लेकिन मुझे उसे गलत ही साबित करना हैं। यह एक गलत मानसिकता को दर्शाता हैं। उसके द्वारा किया गया अच्छे काम की भी सराहना होनी चाहिए। 
बुरी और अच्छी मानसिकता का शुरुआत एक दिन मैं नही होता है इस का शुरुआत बचपन मैं ही हो जाते हैं....जैसे मान लो की आप के भाई को मार पड़ रहा हो आप के पापा के ही हाथ से और आप मन ही मन खुश हो रहे होंगे की अच्छा हुआ इसे मार पड़ गई यह एक बुरे मानसिकता को दर्शाता हैं। वही दूसरी तरफ अगर वही भाई उसे अपने पापा के मार से बचा लेता है तो वह अच्छी मानसिकता कहलाता है। इस मैं कई लोग यह कहेंगे की अगर भाई ने गलती की होगी तो उसे डाट और मार पड़नी चाहिए नही तो वो आगे भी वैसे करेगा। यह ठीक भी है । तो यहां पर इस तरह से देखा जाए की उस भाई का उद्देश्य क्या था , भाई को सबक सिखाना की आगे से गलती न करे या उसे केवल मार पड़े उसी से मतलब था। तो इस तरह से मानसिकता का पता लगाया जा सकता हैं। यह उदाहरण आज कल के समय जो देश मैं चल रहा है उसे दर्शाने और परखने के लिए पर्याप्त हैं। 
चाहे वो देश विरोधी नारे हो , मंदिर मस्जिद विवाद हो , राज्यो के दूसरे राज्यों का विवाद हो , किसी राजनीतिक दल के नेता के द्वारा दिया गया भाषण जो आपस मैं विवाद करा दे या सुलह यह सब एक मानसिकता का ही चरित्र हैं। आप स्वामी विवेकानन्द जी, डाक्टर ए पी जे अब्दुल कलाम, पूर्व मंत्री स्वर्गीय श्री मनोहर पर्रिकर जी इत्यादि के सावभाव से परिचित होंगे। वही दूसरी और हमारे पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी जी, असादुदीन ओवैसी , ए राजा इत्यादि के स्वभाव से भी तो इस सब की जो काम है यह उनकी मनोदशा (मानसिकता) को दर्शाता हैं। 
अब यह प्रश्न आ सकता है की समर्थक तो इन सब के हैं । हर एक आदमी की अपनी अपनी विचारधारा हो सकती हैं। और वो एक विचार के कारण ही किसी एक को पसंद या ना पसंद करते हैं। 
तो मैं यहां यह कहूंगा की राम की भी समर्थक थे और रावण के भी।
यह देखना जरूरी है की आप कहां तक अपने विचार को सकारात्मक रख सकते हो। 
इस लेख पर आप सब का प्रतिक्रिया बहुमूल्य होगा। - अजय कुमार ठाकुर 

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